Tuesday, April 15, 2014

भूतनाथ रिटर्न

फिल्म समीक्षा


भूतनाथ रिटर्न: आधा ज्ञान आधा मनोरंजन 

धीरेन्द्र अस्थाना

बिग बी का नया करिश्मा है भूतनाथ रिटर्न। निर्देशक नीतेश तिवारी ने भूतों पर बनीं या बन रही फिल्मों को एक नया ही आयाम दे दिया है। यह डराने वाले भूत की फिल्म नहीं है। यह एक अच्छे भूत की कहानी है जिसे पृथ्वी पर दोबारा भेजा जाता है ताकि वह कुछ बच्चों को डराने के अपने काम को अंजाम दे सके और फिर से मनुष्य जन्म पाने की अपनी इच्छा की प्रतीक्षा को थोड़ा छोटा कर सके। यह भूतनाथ ही अमिताभ बच्चन बने हैं जिनका धरती पर अखरोट नामक बच्चे से सामना होता है। अखरोट का किरदार पार्थ भालेराव नामक किरदार ने निभाया है। फिल्म का केंद्रीय किरदार भले ही बिग बी हैं लेकिन पार्थ ने अपने करिश्माई अभिनय से चौंका दिया है। इस लड़के को भविष्य का परेश रावल कहा जा सकता है। भविष्य की स्मिता पाटील भी इस फिल्म में है और वह पार्थ की मां बनी उषा जाधव। बोमन ईरानी भी इस फिल्म की यूएसपी हैं लेकिन विलन के रूप में। वह एक बाहुबली राजनेेेेता के किरदार में हैं। पार्थ का पिता गुजर चुका है। मां बेटा बहुत गरीब हैं लेकिन पार्थ को इमानदारी से जीविका कमानी है। पार्थ भूतनाथ को एक आइडिया देता है। शहर में कुछ रिहायशी ईमारतें हैं जो आधी बनने के बाद बंद पड़ गयी हैं। उन ईमारतों में भूत का निवास है । इन अधबनी ईमारतों के कारण बिल्डर करोड़ों की चपेट में हैं। अगर भूतनाथ इन ईमारतों को भूत से छुडवा दे ंतो बिल्डर खुश हो कर पार्थ को लाखों रूपये दे सकते हैं। आइडिये में जान है। भूतनाथ तीन बिल्डिंगों को भूत मुक्त करवा देते हैं और पार्थ की जिदंगी चमकने लगती है। यह इंटरवल तक की कहानी है जो बहुत ही रोचक ढंग से दर्शकों का मनोरंजन करती है। लेकिन पता नहीं क्यों इंटरवल के बाद यह फिल्म लोगों को वोट डालने के लिए जागरूक करने वाली विज्ञापन फिल्म में बदल जाती है। हालांकि यह मंशा गलत नहीं है। चुनाव के दिनों में ही इस फिल्म को रिलीज भी किया गया है इसलिए ऐसा लगता है कि कहीं यह प्रायोजित फिल्म तो नहीं है। चुनाव में वोट की अहमियत के प्रति जनता को सचेत करने वाली यह इंटरवल के बाद की फिल्म लंबे लंबे भाषणों के कारण कहीं कहीं झुंझलाहट भी पैदा करने लग जाती है। बोमन ईरानी के खिलाफ भूतनाथ चुनाव लड़ जाते हैं क्योंकि किसी रूल बुक में नहीं लिखा कि मरा हुआ आदमी चुनाव नहीं लड़ सकता। एक भूत का चुनाव लड़ना नयी परिकल्पना है लेकिन इस परिकल्पना से जुड़ी अनेक उपकथाएं बोझिल हो गयी हैं। यह देखना भी मजेदार लगता है कि भूत वर्ल्ड में भी दुनिया की ही तरह दुनियावी कार्य व्यापार चलता है।  फिल्म का चुनाव से संबंधित गीत ताली तो बनती है सुपर हिट और दिलचस्प है। फिल्म की लोकेशन मुंबई की धारावी है जो अपने आप में एक फिल्म है।

निर्देशकः नितेश तिवारी
कलाकारः अमिताभ बच्चन, बोमन ईरानी, पार्थ भालेराव, उषा जाधव

संगीतः मीत ब्रदर्स , अंजान, राम संपत

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