Wednesday, November 21, 2012

जोकर


फिल्म समीक्षा

यह ‘जोकर‘ बेमजा है

धीरेन्द्र अस्थाना


निर्देशक शिरीष कुंदेर ने अपने हिसाब से एक ऐसी फिल्म बनाने का प्रयास किया है जो आम फिल्मों से थोड़ी अलग दिखे। एक गंभीर विषय को मजा किया अंदाज और विदूषराना चरित्रों के साथ पेश करके उन्होंने ‘जोकर‘ को न सिर्फ बेमजा कर दिया बल्कि कमजोर भी कर दिया। फिल्म में एक ऐसे मुतहा गांव को खड़ा किया गया है जिसका नाम हिंदुस्तान के नक्शे पर नहीं है। तीन राज्यों की सीमा पर बसे इस गांव पगलापुर में न बिजली है, न पानी। न बाजार, न स्कूल कॉलेज। इस गांव के मुखिया का बेटा है अक्षय कुमार जो अमेरिका में रहकर एलियन्स की दुनिया पर काम कर रहा है। सोनाक्षी सिन्हा के साथ उसकी ‘लिव इन रिलेशन शिप‘ है। मुखिया बुलाता है और उससे निवेदन करता है कि वह गांव को गरीबी और पिछड़ेपन के दलदल से निकालने के लिए कुछ करे। पागलों जैसे हाव भाव करके रहने वालों के इस पिछड़े गांव में जो जश्न मनाया जाता है उसमें चित्रांगदा सिंह हिंदी-अंग्रेजी का मिक्स आइटम नंबर पेश करती है। अपने प्रति गांव वालों का प्यार देख अक्षय कुमार गांव को मुक्ति देने का बीड़ा उठाता है। अपनी राजनैतिक सामाजिक कोशिशों में नाकाम होने के बाद अक्षय एक खेल रचता है। वह रंगों और सब्जियों के मेल से तीन गांव वालों को एलियंस की शक्ल देकर दुनिया में घोषणा करवाता है कि पगलापुर में एलियंस दिखे हैं। पूरी दुनिया पगलापुर पहुंचने में जुट जाती है। फिल्म के अंत में अक्षय का प्रतिद्वंदी रहा एक अमेरिकी वैज्ञानिक अक्षय का भांडाफोड़ देता है और पुलिस अक्षय को गिरफ्तार करने पहुंच जाती है। लेकिन तभी अक्षय के कम्प्यूटर के सिग्नल सचमुच के एलियंस से जुड़ जाते हैं। फिर एक उड़न तश्तरी में सचमुच का एलियंस वहां प्रकट होता है। उसके जाने के बाद तोहफे के तौर पर गांव में तेल के सोते फूट उठते हैं। जाहिर है अब गांव अमीर हो जाएगा और उसे तमाम सुविधाएं मिल जाएंगी। यह एक अच्छी फेंटेसी थी जिसे खराब ढंग से फिल्मा कर बिगाड़ दिया गया है। दबंग छोकरी सोनाक्षी सिन्हा की पहली ऐसी फिल्म जो खतरे की घंटी बजा रही है। पूरी फिल्म में सिर्फ श्रेयस तलपदे का किरदार मजा भी देता है और आकर्षित भी करता है। बाकी सब के सब बहुत ज्यादा ‘लाउड‘ हैं।

निर्देशक: शिरीष कुंदेर
कलाकार: अक्षय कुमार, सोनाक्षी सिन्हा, श्रेयस तलपदे, मिनीष लांबा, संजय मिश्रा
संगीत: जीवी प्रकाश कुमार/गौरव।

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