Tuesday, November 19, 2013

राम-लीला

फिल्म समीक्षा

भव्य और दिव्य राम-लीला 

धीरेन्द्र अस्थाना

प्यार के सौदागर संजय लीला भंसाली ने इस बार ‘राम-लीला‘ के नाम से रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोन की जो रासलीला बनायी है उसके बैकड्रॉप में नफरत, दुश्मनी, हत्याएं और गोलियों की तड़तड़ाहट है। बॉलीवुड में गैंगस्टर फिल्में बनाने वाले निर्देशक-निर्माताओं को संजय लीला भंसाली ने बताया और चेताया है कि संजय लीला चाहें तो कहीं ज्यादा खतरनाक और हिंसक गैंगस्टर फिल्म बना सकते हैं। फिल्म ‘राम-लीला‘ एक दुर्लभ और गैर पारंपरिक सिनेमाई अनुभव है। शेक्सपीयर के विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘रोमियो जूलियट‘ से प्रेरित एक और हिंदी फिल्म लेकिन सबसे अलग और धारा के विरूद्ध। अगर हिंसा और कबीलाई दुश्मनी को एक तरफ रख दें तो यह संगीत प्रधान प्रेम कहानी भी है क्योंकि इस हिंसक प्रेम कहानी की आत्मा इसका गीत-संगीत और नृत्य है। यह गीत संगीत और नृत्य भी लीक से थोड़ा हटकर और अनूठा है। फिल्म इस फ्रेम से खुलती है कि पुलिस का एक अधिकारी गुजरात के एक कस्बे में बावला सा घूम रहा है। वह हैरान-परेशान है कि कस्बे में बंदूकों का कारोबार खुलेआम और धड़ल्ले से हो रहा है। वह पाता है कि कस्बा दो कबीलों में बंटा हुआ है। इन दोनों कबीलों की दुश्मनी पिछले पांच सौ सालों से चली आ रही है। इस कस्बे में गोलीबारी और खून खराबा एक आम घटना है जिसे बवाल जैसे मामूली शब्द से पुकारा जाता है। रजाड़ी और सनेड़ा नामक ये दोनों कबीले एक प्रकार के गैंगस्टर ही हैं। रजाड़ी गैंग का प्रतिनिधित्व रणवीर सिंह करते हैं और सनेड़ा गैंग से दीपिका पादुकोन आती हैं। एक होली में दीपिका और रणवीर एक दूसरे को दिल दे बैठते हैं। दुश्मनों में प्यार! इस प्यार की अभिव्यक्ति भी अजीबोगरीब है - गुस्सैल भी रोमानी भी। यह संभवतः रणवीर और दीपिका के अब तक के सबसे विस्मयकारी किरदार कहलाये जाएंगे। सनेड़ा गैंग की महिला डॉन का किरदार निभा कर सुप्रिया पाठक सिनेमा के अभिनय इतिहास में दर्ज हो गयी हैं। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा का एक आइटम डांस है जिसे दिलचस्प नहीं जानलेवा कहा जा सकता है। कालांतर में रणवीर रजाड़ी गैंग के और दीपिका सनेड़ा गैंग के डॉन बनते हैं। फिल्म के अंत में दोनों प्रेमी एक दूसरे को गोली मार कर खत्म कर देते हैं। ताकि दोनों कबीले दुश्मनी भूल कर अमन चैन और प्यार मुहब्बत के साथ रह सकें। अब वहां दीवाली पर घर नहीं दीये जलते हैं। होली पर खून नहीं रंग उछलता है। एक अनिवार्य रूप से देखने लायक फिल्म। निर्देशन-अभिनय-गीत-संगीत हर मोर्चे पर एक लाजवाब अनुभव। 

निर्देशक:  संजय लीला भंसाली
कलाकार:  रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोन, रिचा चड्ढा, सुप्रिया पाठक
संगीत:  संजय लीला भंसाली 

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