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Saturday, September 12, 2009

बाबर

फिल्म समीक्षा

अंडरवर्ल्ड का नया अध्याय: बाबर

धीरेन्द्र अस्थाना

रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘सत्या‘ के बाद अंडरवर्ल्ड की सरजमीन पर फिल्में तो कई आयीं लेकिन वह कोई नया सिनेमाई अहसास नहीं दे पायीं। लंबे समय के बाद अपराध फिल्मों के नक्शे पर ‘बाबर‘ के रूप में एक नया अध्याय दर्ज हुआ है। ऐसी फिल्मों के लिए अब तक मुंबई को ही आदर्श माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से अपराध पर मुंबई का दबदबा कमजोर हुआ है। गैंगवार या जुर्म की काली दुनिया के रूप में अब उत्तर भारत पर फोकस किया जा रहा है। ‘बाबर‘ का इलाका भी कानपुर और आसपास है।

‘बाबर‘ का कथानक नया नहीं है लेकिन उसे प्रस्तुत करने का अंदाज ताजगी भरा है। फिल्म का शिल्प बहुत ताकतवर और बुनावट सधी हुई है। पूरी फिल्म एकदम अंत तक दर्शकों को बांधे रखने में सफल है। काफी समय बाद कोई इतनी तेज गति वाली फिल्म देखी है कि सांसों की आवा-जाही का भी ख्याल नहीं आता। फिल्म का शाश्वत संदेश है - जब तक अपराध के कारणों को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक नये नये माफिया सरगना पैदा होते रहेंगे। और कारणों को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि कारण सत्ता के गलियारों और गरीबी के नरक में बजबजा रहे हैं। असमानता से पैदा होता है अपराध। ‘बाबर‘ इसी विमर्श का अत्यंत जीवंत और विश्वसनीय पाठ पेश करती है।

अगर कोई सिनेमाई साजिश नहीं हुई और बाबर बने नवोदित एक्टर सोहम शाह को काम मिलता रहा तो वह लंबी सीढ़ियां चढ़ेगा। लड़के में दम है - लड़ने भिड़ने का भी और भावनाओं को प्रभावी तरीके व्यक्त करने का भी। फिल्म में वह तमाम मसाले हैं जो ऐसी फिल्मों के लिए जरूरी होते हैं। खून-खराबा, मारा-मारी, गाली-गलौज, नाच-गाना, राजनीति, कोर्ट-कचहरी और पुलिस। लेकिन इस सबका बेहद संतुलित कॉकटेल पेश किया है निर्देशक आशू त्रिखा ने। सोहम शाह के अलावा बाकी सब महारथी कलाकार हैं। ओम पुरी, मिथुन चक्रवर्ती, गोविंद नामदेव, टीनू आनंद, शक्ति कपूर, मुकेश तिवारी, सुशांत सिंह। सब मंजे हुए एक्टर हैं। इन सबके प्रभावशाली अभिनय ने भी फिल्म को एक लयात्मक गति देने का काम किया है। उर्वशी शर्मा का ‘आइटम डांस‘ अच्छा है। फिल्म में उसका ‘स्पेस‘ बहुत कम है। फिल्म का ‘मौला मौला‘ वाला गीत कर्णप्रिय और अर्थपूर्ण तो है ही फिल्म में घटती घटनाओं पर टिप्पणी करने की भी भूमिका निभाता है। फिल्म को देख लेना चाहिए, घाटा नहीं होगा।

निर्देशक: आशू त्रिखा
कलाकार: सोहम शाह, मिथुन चक्रवर्ती, ओम पुरी, गोविंद नामदेव, उर्वशी शर्मा, मुकेश तिवारी।
संगीतकार: आनंद राज आनंद